मौसम - वसंत ऋतु का
भारत में मौसम की शुरुआत वर्ष के मार्च महीने से मानी जाती है, जिसे वसंत ऋतु का मौसम कहा जाता
है। इस मौसम को "महंत" भी कहा जाता है, अर्थात् मौसम का राजा। यह ऋतु मार्च से अप्रैल तक मानी
जाती है, जो सर्दियों के मौसम की समाप्ति और गर्मी के मौसम के आगमन के बीच का समय होता है। इस
मौसम में न तो मौसम ज्यादा ठंडा होता है और न ही गरम; इसे सबसे सुखद अनुभव के लिए जाना जाता है।
फसलों की कटाई के बाद भारत के हर इलाके में अलग-अलग प्रकार के त्यौहार मनाए जाते हैं, जैसे
लोहड़ी, होली, पोंगल, और सबसे ज्यादा मनाया जाने वाला वसंत पंचमी का त्यौहार, जिसमें पतंगबाज़ी
का भी मौसम होता है।
वसंत ऋतु के मौसम में पेड़ों पर नए पत्ते आते हैं, फूल खिलने लगते हैं, पौधे हरे-भरे हो जाते
हैं, और गर्म मौसम के कारण पहाड़ों से बर्फ पिघलने लगती है, जिसका असर मैदानी इलाकों में सुखद
मौसम के रूप में होता है।
वसंत ऋतु मौसम का सबसे महत्वपूर्ण पहलू बसंत पंचमी का त्योहार है, जो ज्ञान, कला, और संगीत की
देवी सरस्वती माँ (A Hindu deity of knowledge) को समर्पित है। इस दिन लोग ज्यादातर पीले रंग के
कपड़े पहनते हैं, जो सरसों के फूलों, फसलों, और वसंत के आगमन का प्रतीक है। पढ़ाई करने वाले
छात्र या कला सीखने वाले गुरु भी वसंत के मौसम में सरस्वती माँ से आशीर्वाद के लिए प्रार्थना
करते हैं और उनकी वेदी पर अपने संगीत वाद्ययंत्र, किताबें, और कलम चढ़ाते हैं। इस मौसम में ऐसा
माना जाता है कि वसंत पंचमी के दिन माता सरस्वती का आशीर्वाद लेने से ज्ञान और रचनात्मकता में
वृद्धि होती है।